घमौरीया होने का कारण और उसका प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार जाने.

घमौरियां
Prickly Heat
परिचय-
          घमौरी एक प्रकार का चर्मरोग है। यह रोग गर्मियों तथा बरसात के दिनों में व्यक्तियों की त्वचा पर हो जाता है।
घमौरी होने का कारण:-
          यह रोग अधिक गर्मी के कारण तथा शरीर की ठीक प्रकार से सफाई न होने के कारण होता है। यह रोग व्यक्ति को कब्ज बनने के कारण भी हो सकता है।
घमौरी होने के लक्षण:-
            #जब यह रोग किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसकी त्वचा पर छोटी-छोटी और लाल-लाल फुन्सियां निकलती हैं, जिसमें से कभी-कभी दूषित द्रव निकलने लगता है तथा इनमें खुजली भी होती रहती है।
#घमौरी होने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-
#वैसे यह रोग कुछ दिनों में अपने आप ही ठीक हो जाता है लेकिन यदि रोगी व्यक्ति इससे अधिक परेशान हो तो इस रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार किया जा सकता है।
#घमौरियों का उपचार करने के लिए रोगी व्यक्ति को रात के समय में अपने पेड़ू पर गीली मिट्टी की गर्म पट्टी बांधनी चाहिए।
#यदि रोगी व्यक्ति को कब्ज की शिकायत हो तो उसे प्रतिदिन सुबह के समय में एनिमा क्रिया करनी चाहिए ताकि उसका पेट साफ हो सके। इसके बाद रोगी को
#दिन में 2 बार अपने शरीर पर मिट्टी की गीली पट्टी का लेप करना चाहिए और जब यह लेप सूख जाए तब स्नान करना चाहिए।
#इस रोग से पीड़ित रोगी को उत्तेजक पदार्थ वाला भोजन नहीं करना चाहिए। रोगी को हमेशा सादा भोजन ही करना चाहिए।
#बारिश के पानी में स्नान करन से घमौरी का रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
#रोगी व्यक्ति को एक बर्तन में पानी भरकर उसमें नीम की पत्तियां डालकर उबालना चाहिए। फिर इस पानी को गुनगुना करके स्नान करना चाहिए। इस स्नान को प्रतिदिन दिन में 2 बार करने से घमौरियां ठीक हो जाती हैं।
#रोगी व्यक्ति को सुबह के समय में नीम की 4-5 कच्ची पत्तियां चबाने से बहुत अधिक लाभ मिलता है।



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