डिप्रेशन हो या माइग्रेन योग एक रामबाण इलाज है।
डिप्रेशन हो या माइग्रेन, योग से
ठीक रहेगा ब्रेन
योग से सेहत
संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका
असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो
बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन
ठिकाने लगा सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं
जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत
नहीं कर सकता। योग आसनों का असर इतना है
कि दवाओं
का सहारा लेने की जरूरत ही नहीं।
ये हैं टॉप टेन आसन
1- सूक्ष्म आसन
चालीस की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में
खानपान की अनियमितता आदि से कैल्शियम
की कमी हो जाती है। इसका नतीजा यह है
कि घुटनों में दर्द और स्पांडलाइटिस की
तकलीफ परेशान करने लगती है। इस आसन को करने
से काफी लाभ होता है।
2- तितली आसन
महिलाओं में गर्भाशय संबंधी समस्या और
मांसपेशियों में खिंचाव इस आसन से दूर हो जाते
हैं। नियमित आसन करने से इस समस्या से निजात
पाई जा सकती है।
3- कपालभाति
हर उम्र के स्त्री-पुरुष के लिए लाभकारी हैं। इससे
फेफड़ों और नर्वस सिस्टम ठीक रहते हैं।
4- अनुलोम-विलोम
सांस संबंधी दिक्कत, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल
में कारगर है। सभी कर सकते हैं।
5- भ्रामरी प्राणायाम
मानसिक दबाव, एंजायटी और डिप्रेशन को दूर
किया जा सकता है। सभी के लिए लाभकारी
है।
6- शीतली प्राणायाम
गर्मी के दिनों में शीतली प्राणायाम करने से
एसिडिटी समेत पेट संबंधी दिक्कतें नहीं रहतीं।
यह आसन बुजुर्गो को विशेष तौर पर अपनाना
चाहिए।
7- सूर्य नमस्कार
बच्चों के विकास, खासतौर पर लंबाई बढ़ाने और
आंखों की रोशनी ठीक रखने को सूर्य नमस्कार
बेहद जरूरी है।
8- वृक्ष आसन, सर्वाग आसन
इस आसन से शिक्षा और रोजगार संकट के चलते
डिप्रेशन में आ रहे युवाओं को भी लाभ मिल
सकता है। शारीरिक तौर पर सुगठित होने के
लिए यह आसन अच्छे हैं।
9- ताड़ आसन-चक्र आसन
एकाग्रता के साथ साथ हृदय के लिए यह आसन हर
किसी के लिए फायदेमंद हैं।
10- हल आसन
इस आसन से दिमाग में स्फूर्ति के साथ-साथ
शारीरिक चुस्ती भी बनी रहती है।
ठीक रहेगा ब्रेन
योग से सेहत
संवारने में थोड़ा वक्त जरूर चाहिए लेकिन इसका
असर रामबाण है। बदलती जीवनशैली से जो
बीमारियां आम हो चुकी हैं उनको चंद आसन
ठिकाने लगा सकते हैं। योग में ऐसे आसन भी हैं
जिनसे रोग जिस्म पर सवार होने की हिम्मत
नहीं कर सकता। योग आसनों का असर इतना है
कि दवाओं
का सहारा लेने की जरूरत ही नहीं।
ये हैं टॉप टेन आसन
1- सूक्ष्म आसन
चालीस की उम्र पार कर चुकी महिलाओं में
खानपान की अनियमितता आदि से कैल्शियम
की कमी हो जाती है। इसका नतीजा यह है
कि घुटनों में दर्द और स्पांडलाइटिस की
तकलीफ परेशान करने लगती है। इस आसन को करने
से काफी लाभ होता है।
2- तितली आसन
महिलाओं में गर्भाशय संबंधी समस्या और
मांसपेशियों में खिंचाव इस आसन से दूर हो जाते
हैं। नियमित आसन करने से इस समस्या से निजात
पाई जा सकती है।
3- कपालभाति
हर उम्र के स्त्री-पुरुष के लिए लाभकारी हैं। इससे
फेफड़ों और नर्वस सिस्टम ठीक रहते हैं।
4- अनुलोम-विलोम
सांस संबंधी दिक्कत, ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल
में कारगर है। सभी कर सकते हैं।
5- भ्रामरी प्राणायाम
मानसिक दबाव, एंजायटी और डिप्रेशन को दूर
किया जा सकता है। सभी के लिए लाभकारी
है।
6- शीतली प्राणायाम
गर्मी के दिनों में शीतली प्राणायाम करने से
एसिडिटी समेत पेट संबंधी दिक्कतें नहीं रहतीं।
यह आसन बुजुर्गो को विशेष तौर पर अपनाना
चाहिए।
7- सूर्य नमस्कार
बच्चों के विकास, खासतौर पर लंबाई बढ़ाने और
आंखों की रोशनी ठीक रखने को सूर्य नमस्कार
बेहद जरूरी है।
8- वृक्ष आसन, सर्वाग आसन
इस आसन से शिक्षा और रोजगार संकट के चलते
डिप्रेशन में आ रहे युवाओं को भी लाभ मिल
सकता है। शारीरिक तौर पर सुगठित होने के
लिए यह आसन अच्छे हैं।
9- ताड़ आसन-चक्र आसन
एकाग्रता के साथ साथ हृदय के लिए यह आसन हर
किसी के लिए फायदेमंद हैं।
10- हल आसन
इस आसन से दिमाग में स्फूर्ति के साथ-साथ
शारीरिक चुस्ती भी बनी रहती है।
इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का सिर्फ प्रयास किया गया है । हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नहीं है।हमारी जानकारी-आपका विचार.आपकी मार्गदर्शन की आवश्यकता है, आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है.
...आभार !!!
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